का सरल उत्तर
नारदजी को अभिमान हुआ कि उन्होंने अपने तपोबल से कामदेव को जीत लिया। कामदेव की कोई कला उन पर नहीं चली। वास्तव में भगवान की माया से रक्षा हुई थी, पर नारदजी समझ बैठे कि यह उनकी अपनी शक्ति है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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