नारदजी को स्वयंवर में किसका मुख मिला?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वानर (बन्दर) का मुख मिला। शिवगणों ने मुस्कुराकर कहा — दर्पण में मुँह देखो। नारदजी ने जल में झाँककर बन्दर का मुख देखा तो क्रोध से भर गये और शिवगणों को शाप दिया — 'होहु निसाचर' (राक्षस हो जाओ)।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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