का सरल उत्तर
नरक में जीव 'यातना-देह' में रहता है जो पिंडदान से बनती है। यातना से क्षत-विक्षत होती है, रक्त वमन होता है। नष्ट होने पर यमराज की शक्ति से पुनः निर्मित होती है — यह पाप-शुद्धि की प्रक्रिया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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