का सरल उत्तर
नरक में प्रवेश के बाद दक्षिण द्वार पर प्रथम यातना, नरक के यमदूतों को सौंपना, पापों की याद दिलाना, निरंतर दंड और अंत में पाप-दंड पूर्ण होने पर पुनर्जन्म — यह क्रमबद्ध प्रक्रिया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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