का सरल उत्तर
नारायण कवच भागवत पुराण (स्कन्ध 6, अध्याय 8) में वर्णित विष्णु जी का रक्षा-मंत्र है, जो सर्वप्रथम इन्द्र को दिया गया था। स्नान करके, शुद्ध आसन पर बैठकर, 'ॐ नमो नारायणाय' से न्यास सहित पाठ करें। गुरुवार, एकादशी या संकट काल में इसका पाठ विशेष फलदायी है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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