का सरल उत्तर
नवरात्रि में ब्रह्मचर्य = आध्यात्मिक ऊर्जा के संरक्षण और कुंडलिनी जागरण के लिए अनिवार्य। कलह, ईर्ष्या, क्रोध, काम, निंदा — ये तपस्या की ऊर्जा क्षीण करते हैं। शरीर, मन और वातावरण में पूर्ण शुद्धता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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