का सरल उत्तर
पाप = धर्म के विरुद्ध, दूसरों को कष्ट देने वाला और स्वयं को अधःपतन की ओर ले जाने वाला कर्म। तीन प्रकार — मानसिक, वाचिक, कायिक। गरुड़ पुराण अध्याय 4 में पाप-कर्मों का विस्तृत वर्णन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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