का सरल उत्तर
पतंजलि योग सूत्र (2.32): शौच (पवित्रता), संतोष (संतुष्टि), तप (अनुशासन/द्वंद्व सहन), स्वाध्याय (शास्त्र अध्ययन + ॐ जप), ईश्वर प्रणिधान (ईश्वर समर्पण)। ये अष्टांग योग का दूसरा अंग हैं। तप+स्वाध्याय+ईश्वर प्रणिधान = क्रियायोग।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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