का सरल उत्तर
जनक ने अयोध्या में दशरथ के पास दूत भेजे — धनुष भंग, जयमाला हुई, बारात लाइये। दशरथ को अपार आनन्द। वसिष्ठजी ने कहा — बारात सजाओ। रानियाँ हर्ष से भरीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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