का सरल उत्तर
पुलकित-प्रफुल्लित होकर स्तुति — 'जय रघुबंस बनज बन भानू।' वैष्णव धनुष रामजी को दिया, प्रणाम किया और प्रसन्नतापूर्वक तपोवन चले गये। सभा में आनन्द छा गया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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