का सरल उत्तर
पार्वण श्राद्ध में तीन पीढ़ियों का सतीक यानी पत्नी सहित आवाहन होता है। पितृ कुल से पिता, पितामह यानी दादा और प्रपितामह यानी परदादा। मातृ कुल से मातामह यानी नाना, प्रमातामह यानी परनाना और वृद्धप्रमातामह यानी वृद्ध परनाना। हर पुरुष पितर अपनी पत्नी के साथ आहूत होता है। कुल मिलाकर बारह पितरों का आवाहन होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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