का सरल उत्तर
पार्वतीजी का शरीर तप से क्षीण हो गया, तब आकाश से ब्रह्मवाणी हुई — 'अब मिलिहहिं त्रिपुरारि' — अब शिवजी मिलेंगे। ब्रह्माजी ने कहा कि ऐसा कठोर तप किसी ने नहीं किया। सप्तर्षि जब मिलें तब इस वाणी को प्रमाण जानना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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