पार्वतीजी ने सप्तर्षियों की शिवनिन्दा सुनकर क्या उत्तर दिया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पार्वतीजी ने कहा — 'जन्म कोटि लगि रगर हमारी। बरउँ संभु न त रहउँ कुआरी' — करोड़ जन्मों तक या तो शिवजी को वरूँगी या कुमारी रहूँगी। स्वयं शिवजी मना करें तब भी नारदजी का उपदेश नहीं छोडूँगी। ऋषि प्रसन्न हुए — 'जय जगदम्बिके भवानी!'
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।