का सरल उत्तर
पिंडदान का सूक्ष्म अंश प्रेत की यातना-देह तक पहुँचता है। यह उसकी वासना-जनित भूख को कम करता है। 'प्रेत को क्षुधा-तृष्णा निवारण के लिए पिंडादि प्रदान किए जाते हैं' — यह गरुड़ पुराण का वचन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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