का सरल उत्तर
श्राद्ध = सम्पूर्ण अनुष्ठान (तर्पण+पिंड+भोजन+दान), घर पर, प्रतिवर्ष। पिंडदान = श्राद्ध का एक अंग (पिंड अर्पण), तीर्थ पर (गया विशेष), पितर मोक्ष हेतु, जीवन में एक बार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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