पितृपक्ष में दान देने का शास्त्रीय विधान क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पितृपक्ष दान: अन्न (सर्वश्रेष्ठ), वस्त्र, शय्या (बिस्तर), छाता, जूते, गोदान (सर्वोच्च), तिल, जलपूर्ण घड़ा। विधि: स्नान→दक्षिण मुख→संकल्प→दान+दक्षिणा। योग्य पात्र। पितृपक्ष दान = अनेकगुना फल।
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श्राद्ध-पितृ कर्म
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