का सरल उत्तर
पितरों को मुनियों के योग्य पवित्र हविष्यान्न अर्थात् सात्त्विक अन्न, दूध, घी, कंद-मूल चढ़ाने से अलौकिक प्रसन्नता और तृप्ति प्राप्त होती है। यह पशुबलि या किसी जीव की हत्या से प्राप्त अन्न से कभी नहीं हो सकती। पितरों को तिल, कुशा, गाय का दूध, शहद, जौ और सफेद फूल भी अत्यंत प्रिय हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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