प्रकृति और पुरुष में अंतर सांख्य दर्शन अनुसार
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पुरुष = चेतन, साक्षी, निर्गुण, अपरिवर्तनशील (आत्मा)। प्रकृति = जड़, सक्रिय, त्रिगुणात्मक, परिवर्तनशील (शरीर-मन-जगत)। दुःख = पुरुष का प्रकृति से भ्रमवश तादात्म्य। ज्ञान = 'मैं पुरुष हूं, प्रकृति नहीं' = मोक्ष। 25 तत्व: 24 प्रकृति + 1 पुरुष।
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