का सरल उत्तर
प्राण प्रतिष्ठा मंत्र: 'ॐ वाङ्मनस्त्वक्चक्षुःश्रोत्रजिह्वाघ्राणपाणिपादपायूपस्थानि इहागत्य सुखं चिरं तिष्ठन्तु स्वाहा।' — अर्थ: हे प्रभु! आपकी वाणी, मन, इंद्रियाँ यहाँ आकर चिरकाल निवास करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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