प्रयाग तीर्थराज में माघ मेले का क्या महत्व बताया गया रामचरितमानस में?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तुलसीदासजी ने संत-समाज को चलता-फिरता तीर्थराज प्रयाग कहा। रामभक्ति = गंगा, ब्रह्मविचार = सरस्वती, कर्मकथा = यमुना। यह तीर्थराज अलौकिक है और तत्काल फल देने वाला है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।