का सरल उत्तर
प्रेत को त्याग देते हैं — स्वयं का स्थूल शरीर, परिवार-मित्र-धन-पद सब यहीं छूट जाते हैं। 'केवल कर्म साथ जाते हैं।' यममार्ग पर जीव पूर्णतः एकाकी है — यही गरुड़ पुराण का संदेश है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।