का सरल उत्तर
प्रेत को मुक्ति मिलती है — दशगात्र-षोडश श्राद्ध से, सपिंडन विधान से, प्रेत घट दान से, नारायण बलि से, गया में पिंडदान से और परिजनों द्वारा किए गए दान-पुण्य से।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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