प्रेत को "यातनादेह" कब प्राप्त होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
यातनादेह दाह-संस्कार के बाद दशगात्र के दस पिंडों से क्रमशः दस दिनों में बनती है। 'दग्धे देहे पुनर्देहः पिण्डैरुत्पद्यते' — दसवें दिन 'हस्तमात्र' देह पूर्ण होती है। बिना पिंडदान के यह देह नहीं बनती।
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