का सरल उत्तर
प्रेत-शरीर सूक्ष्म, अदृश्य और 'हस्तमात्र' (एक हाथ बराबर) बताया गया है। यह पिंडदान से निर्मित वासनामय शरीर है जिसमें भूख-प्यास और पीड़ा का अनुभव होता है। यमदूत के पाश से बँधा होने के कारण वापस नहीं लौट सकता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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