का सरल उत्तर
प्रेतकल्प का श्रवण — मृत्यु के 13 दिनों में (मुख्य), श्राद्ध पक्ष में, पुण्यकाल (संक्रांति-ग्रहण) में और किसी भी शुभ समय में किया जा सकता है। 'किसी भी समय पाठ-श्रवण शुभ है।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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