का सरल उत्तर
प्रेतकल्प गरुड़ पुराण का द्वितीय भाग है जिसमें 35 अध्याय हैं। इसमें मृत्यु का स्वरूप, यमलोक-प्रेतलोक, श्राद्ध-पिंडदान, प्रेत योनि और मुक्ति के उपायों का विस्तृत वर्णन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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