का सरल उत्तर
पूजा और आरती का जल तुलसी के पौधे में, पीपल की जड़ में या पवित्र नदी में डालें। इसे नाली या अपवित्र स्थान में न बहाएं। चरणामृत प्रसाद रूप में ग्रहण करना सर्वोत्तम है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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