का सरल उत्तर
नैवेद्य सात्विक, ताजा, और स्वच्छता से बना हो। बनाते समय चखें नहीं। भगवान के सामने ध्यान से अर्पित करें, आचमन जल दें, फिर प्रसाद लें। बासी या अशुद्ध भोग न चढ़ाएं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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