ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

पुरश्चरण के पांच अंग क्या हैं?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

पुरश्चरण के पाँच अंग (मंत्रमहार्णव): जप (मूल — अक्षर × लाख), हवन (जप का 10वाँ — अग्नि में आहुति), तर्पण (हवन का 10वाँ — देव-ऋषि-पितर को जल), मार्जन (तर्पण का 10वाँ — जल-छिड़काव), ब्राह्मण अर्चन (मार्जन का 10वाँ — भोजन-दक्षिणा)। अनुपात: 10 लाख → 1 लाख → 10000 → 1000 → 100।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पुरश्चरण

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।