का सरल उत्तर
धर्मसिंधु: राहुकाल में किया गया कोई भी शुभ कार्य भविष्य में 'अरिष्ट' (अनिष्ट) का कारण बन सकता है। राहु = नकारात्मक ऊर्जा और अनिश्चितता का प्रतीक। वाहन पूजन के लिए यह समय सर्वथा अनुचित।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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