राजा जनक ने अयोध्या में दूत क्यों भेजे?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
धनुष भंग और जयमाला के बाद विवाह की औपचारिक प्रक्रिया के लिये। दशरथ को बारात लेकर आने का निमन्त्रण। वसिष्ठजी ने कहा — 'राजन राम सरिस सुत जाकें' — राम जैसे पुत्र हैं, बारात सजाओ।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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