श्रीरामजी के चरण-स्पर्श से अहल्या का क्या हुआ?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिला से तपोमूर्ति अहल्या प्रकट हुईं — शरीर पुलकित, प्रेम से अधीर, नेत्रों से आँसुओं की धारा। चरणों में लिपटीं, स्तुति की — 'मेरा मन-भौंरा आपके चरण-रज का प्रेम-रस सदा पान करे।' आनन्दपूर्वक पतिलोक गयीं।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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