का सरल उत्तर
जो रामचरित स्नेहसहित कहते-सुनते हैं वे राम चरणों में अनुरागी होंगे, कलियुग के सब पापों से मुक्त और शुभ भाग्यवाले होंगे। रामचरितमानस सुनने से शान्ति मिलती है और विषयरूपी दावानल में जलता मन सुखी हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।