का सरल उत्तर
रौरव और कालसूत्र दो भयंकर नरक हैं। रौरव में रौरव सर्पों का काटना और अग्नि की जलन होती है। कालसूत्र में काल के धागों से बाँधकर यातना दी जाती है। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार जो व्यक्ति द्वितीया तिथि पर अधिकार होने पर भी महालय का श्राद्ध नहीं करता, उसे मृत्यु के बाद इन दोनों भयंकर नरकों की यातना भोगनी पड़ती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।