का सरल उत्तर
ब्रह्माजी की तपस्या करके वरदान प्राप्त किया। रावण ने माँगा — 'बानर मनुज जाति दुइ बारें' — वानर और मनुष्य को छोड़कर किसी के मारे न मरूँ। वानर-मनुष्य को तुच्छ समझकर नहीं माँगा — यही उसके अन्त का कारण बना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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