का सरल उत्तर
रावण ने कैलाश दबने पर दर्द की अवस्था में ही 'शिव तांडव स्तोत्र' की रचना की। इसमें 16 श्लोक हैं जो शिव के तांडव, जटा, डमरू और सर्वशक्तिमान स्वरूप का काव्यात्मक वर्णन करते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।