रावण ने शिव को कैसे प्रसन्न किया था
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
रावण ने कैलाश उठाने का प्रयास किया, शिव के पैर से दबने पर दर्द में शिव तांडव स्तोत्र की रचना की। शिव प्रसन्न हो 'चंद्रहास' खड्ग और 'रावण' नाम दिया। नौ सिर बलि देकर दशानन बना और अजेयता का वरदान पाया।
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शिव भक्त कथा
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