समुद्र मंथन की कथा का आध्यात्मिक अर्थ
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
क्षीरसागर = मन; मंदराचल = साधना; वासुकि = प्राण; देव-असुर = शुभ-अशुभ गुण; कूर्म = ईश्वर कृपा; हालाहल = साधना में उभरे विकार (शिव/ज्ञान ग्रहण करे); अमृत = आत्मज्ञान/मोक्ष। शिक्षा: विष (कठिनाई) अमृत (ज्ञान) से पहले आता है।
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