का सरल उत्तर
समुद्र मंथन में शिव जी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी। जब हलाहल निकला तो शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए स्वयं वह विष पिया और नीलकंठ कहलाए। अमृत के लिए मंथन करने वाले देवताओं के बीच शिव ने विष का वरण किया — यही उनकी अतुलनीय भूमिका थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।