संचित कर्म, प्रारब्ध कर्म और क्रियमाण कर्म में क्या अंतर है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
संचित = सभी जन्मों के कर्मों का भंडार। प्रारब्ध = संचित का वह भाग जो वर्तमान जीवन में फल दे रहा है (भाग्य)। क्रियमाण = वर्तमान में किए जा रहे कर्म (पुरुषार्थ)। क्रियमाण → संचित → प्रारब्ध — यह चक्र मोक्ष तक चलता है।
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