का सरल उत्तर
दिन भर निर्जला या फलाहार (फल, दूध, साबूदाना) रहें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा के बाद ही प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलें (पारण करें)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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