सतीजी द्वारा सीता रूप धारण करने के बाद शिवजी ने क्या निर्णय लिया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिवजी ने मन-ही-मन सतीजी का पत्नी रूप में त्याग करने का संकल्प किया — 'एहिं तन सतिहि भेट मोहि नाहीं।' कारण — सतीजी ने सीता रूप धारा, अतः शिवजी की दृष्टि में वे माता समान हो गयीं। प्रकट में कुछ नहीं कहा पर हृदय में बड़ा सन्ताप था।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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