का सरल उत्तर
सतीजी को दो संदेह हुए — (1) सर्वव्यापक, मायारहित परब्रह्म मनुष्य कैसे बन सकता है? (2) सर्वज्ञ भगवान अज्ञानी की तरह पत्नी को क्यों खोजेंगे? उन्हें लगा कि शिवजी ने साधारण राजपुत्र को व्यर्थ प्रणाम किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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