का सरल उत्तर
सतीजी ने शिवजी को हृदय में धारण करके योगाग्नि से अपना शरीर भस्म कर डाला। 'अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। भयउ सकल मख हाहाकारा॥' — सारी यज्ञशाला में हाहाकार मच गया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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