सतीजी ने दक्ष यज्ञ में अपमान सहकर क्या किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सतीजी ने शिवजी को हृदय में धारण करके योगाग्नि से अपना शरीर भस्म कर डाला। 'अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। भयउ सकल मख हाहाकारा॥' — सारी यज्ञशाला में हाहाकार मच गया।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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