का सरल उत्तर
पारस लोहे को सोना बनाता — वैसे सत्संग अज्ञानी को ज्ञानी। 'बिनु सतसंग बिबेक न होई' — सत्संग बिना विवेक नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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