का सरल उत्तर
शनि शांति: शनिवार प्रदोष काल → शनि यंत्र स्थापना → 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 23000 जप → शमी समिधा + काले तिल से हवन → तैलाभिषेक → दान (काला तिल, उड़द, तेल, लोहा, वस्त्र) → हनुमान चालीसा → शनिवार व्रत। ज्योतिषीय परामर्श आवश्यक।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।