का सरल उत्तर
शिव ने पिनाक धनुष से त्रिपुरासुर के तीन अभेद्य उड़नशील नगरों को एक ही बाण से भस्म किया। तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली का अंत हुआ — इसीलिए शिव 'त्रिपुरांतक' हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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