का सरल उत्तर
शिव के ब्रह्मचारी अवतार का उद्देश्य पार्वती के प्रेम और निष्ठा की परीक्षा लेना था। शिव ने ब्रह्मचारी बनकर स्वयं की निंदा की — पार्वती अडिग रहीं। तब शिव प्रकट हुए और पार्वती का सच्चा प्रेम स्वीकार किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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