का सरल उत्तर
पशुपति = जीवात्माओं के स्वामी। 'पशु' = माया-बंधन में जकड़ी आत्मा, 'पति' = उस बंधन से मुक्त कराने वाले स्वामी। शिव समस्त जीव-जगत और बद्ध आत्माओं के रक्षक-मुक्तिदाता हैं। यजुर्वेद के रुद्रम् में इसका उल्लेख है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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