का सरल उत्तर
ईशान कोण में, शुभ मुहूर्त में, पंचामृत स्नान कराकर, पंडित जी से प्राण प्रतिष्ठा करवाकर शिवलिंग स्थापित करें। जलहरी का मुख उत्तर में हो और शिवलिंग का आकार गृह पूजा के लिए अंगूठे जितना उचित है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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